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दोस्तों नूर हर्बल दवाखाना में आपका स्वागत हैl

आज मैं आपको आयुर्वेद की ऐसी दवाई के बारे में  बताऊंगा जिसको आयुर्वेद में पेट के कई मर्जो की अमृत दवा माना जाता हैl

यह दवा आयुर्वेद की बड़ी ताकतवर दवाई है इस दवाई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दवाई बनाने में बहुत आसान है और खूबियों से भरपूर है जो पेट की 90%बीमारियों को दूर करती हैl

दोस्तों हमारे शरीर में बहुत सारी बीमारियां हमारे खराब पेट की वजह से होती हैं l जिनमें सबसे अहम है l हमारे शरीर में वात ,पित्त, और कफ के संतुलन का बिगड़ जाना जिसकी वजह से हमारे शरीर में बहुत सारी बीमारियां पैदा हो जाती है l

  • यह दवा वात ,पित्त और कफ को संतुलित करने में अमृत के समान हैंl

दोस्तों इस दवा के इस्तेमाल से आप कई गंभीर बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैl

जैसे-

  • कमजोरी

  •  मोटापा

  • बवासीर

  • मुंह से बदबू आना

  • भूख ना लगना

  • पेट के कीड़े

  • डायबिटीज

  • सिर दर्द

  • चक्कर आना

  • पेट में जलन

  • आंखों की बीमारियां

  • कब्ज

  • गैस

  • तेजाब

  • पेट में जलन

  • घबराहट

  • बेचैनी

  • बल्ड प्रेशर

और पेट की 100 से भी ज्यादा बीमारियों की कामयाब दवा है l जो पेट में जाते ही अपना असर दिखाना शुरू कर देती है l  यह एक  रोग प्रतिरोधक दवा हैl

दोस्तों आज मैं जिस दवाई के बारे में बताने जा रहा हूं उस दवाई का नाम है  –   त्रिफला

त्रिफला-   असल में त्रिफला 3 फलों का मिश्रण है जो हरड़ बहेड़ा और आंवला को अलग-अलग मिकदार में मिलाकर बनाया जाता हैl

हरड़ –   हरड़ को आयुर्वेद में मां के समान कहा गया है हरण 1 योग वाही औषधि का काम करती है जो दबाव के साथ मिलकर दूसरी आयुर्वेदिक दवाओं के गुणों को कई गुना बढ़ा देती हैl

 

बेहड़ा-   वीर्य वर्धक त्रिदोष नाशक दर्द मिटाने वाली केश वर्धक और सभी प्रकार की सूजन को दूर करने वाली अमूल्य औषधि हैl


आंवला-  आंवला हमारे शरीर में हर तरह के टॉक्सिंस को बाहर निकालकर हमारे शरीर को निरोग बनाता हैl

आंवला विटामिन C का बहुत बड़ा स्रोत भी है जो हमारे बालों और चमड़ी को स्वस्थ बनाने का काम करता हैl

यानी आंवला हर प्रकार की बुराई को शरीर में कम कर देता है और बड़ा हर प्रकार की अच्छाई को शरीर में बढ़ा देता हैl

              त्रिफला के फायदे

त्रिफला के आयुर्वेद में अनगिनत फायदे हैं

श्वास रोग –     त्रिफला के इस्तेमाल करते रहने से सांस के                       मरीजों को बहुत फायदा होता है और                           फेफड़ों के संक्रमण से छुटकारा मिल                                 जाता हैl

रोग प्रतिरोधक –      त्रिफला के अंदर भरपूर मात्रा में रोग                               प्रतिरोधक क्षमता होती है जो हमारे                              शरीर के अंदर एंटीबायोटिक और                                   एंटी एक्स ऑक्सीडेंट का काम                                      करती हैl

कब्ज –                        कब्ज के उपचार के लिए                                           त्रिफला आयुर्वेद की अमृत के                                      समान दवाई हैl

गैस तेजाब-           त्रिफला गैस और तेजाब में बहुत लाभदायक दवाई है और गैस तेजाब को जड़ से खत्म कर देती हैl

कील मुंहासे त्रिफला-       खून को शुद्ध करके शरीर                                            में विषैले पदार्थों को बाहर                                            निकाल देता है और चमड़ी                                            को खूबसूरत बना देता हैl

                 बनाने की विधि

त्रिफला असल में 3 फलों का मिश्रण है जो हरड़ बहेड़ा और आंवला को 1:2:3 की मिकदार में मिलाकर बनाया जाता है

जैसे अगर 10 ग्राम हरड़ तो 20 ग्राम बहरा और 30 ग्राम आंवला लेकर कूट छानकर रख लेना चाहिए यह तीनों चीजें बाजार में पंसारी के यहां आसानी से मिल जाती हैl

अगर आप गैस तेजाब कब और पेट की बीमारियों के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं तो  5 से 6 ग्राम चौहान शाम को गर्म पानी से लेl

अगर आप इसका इस्तेमाल कमजोरी मोटापा मोटापा और जिस्म को मजबूत बनाने के लिए करना चाहते हैं तो इसका इस्तेमाल 5 से 6 ग्राम की मिकदार में शहद में मिलाकर सुबह के वक्त करना चाहिएl

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