Uncategorizedअन्यविचारशिक्षा

NRC का समर्थन करने वालों को यह बात जरूर समझाएं

By February 5, 2020 No Comments
Spread the love

एनआरसी का समर्थन करने वाले यह भी जानले,

एनआरसी का समर्थन करने से पहले एक बार अपनी जानकारी दुरुस्त कर लीजिए.

  केंद्र सरकार के  आंकड़े बताते हैं कि इस देश में.

30 करोड लोग भूमिहीन है यानी उनके पास कोई जमीन नहीं है, ( यह आंकड़ा मुद्रा योजना लागू करते समय अरुण जेटली ने सदन में बताया था)  जब इन लोगों के पास जमीन नहीं है तो वह अपने नाम पर दर्ज जमीन के कागजात कहां से लाएंगे?

1 करोड़  70 लाख लोग बेघर हैं ,ऐसा मेरा नहीं सरकार की सर्वे करने वाली संस्था NSSOका कहना है ,अब मकान ही नहीं है तो मकान के कागजात किसके पास रखे होंगे !

 

हमारे देश में 15 करोड लोग ऐसे हैं जो घुमक्कड़ जाति से आते हैं जो देश में अलग-अलग स्थानों पर आते -जाते रहते हैं

     जैसे आपने देखा होगा बंजारे,लोहार,गाड़ियां ,बावरिया ,नट, ,कालबेरिया भोपा कलंदर नोटियाल आदि के नाम सुने ही होंगे इनके रहने ठहरने का खुद का ठिकाना नहीं होता, आज इस शहर तो कल उस शहर ऐसे में क्या इनके पास कोई डाक्यूमेंट्स रखे होंगे?

  इस देश में 8 करोड़ 43 लाख आदिवासी है जिनके बारे में खुद सरकार के पास ही सही आंकड़े नहीं है (जनगणना 2011 )के अनुसार

         अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात

 

1970 मैं देश की साक्षरता दर 34% थी यानी 66% लोग अनपढ़ थे यानी इस देश के 66% बुजुर्गों के पास पढ़ाई लिखाई के कोई सबूत या कागजात नहीं है .आज भी करीब 24% यानी 31 करोड लोग अनपढ़ हैं .जब स्कूल ही नहीं गए तो मार्कशीट किस बात की होगी. ऐसे में देश की इतनी बड़ी संख्या के पास पढ़ाई-लिखाई के कोई भी कागजात नहीं है.

 

 आप अपने गांव शहर के सबसे कमजोर -पिछड़े लोगों के घरों पर नजर डालिए  और सोचिए कि उनके पास उनके दादा परदादा के कौन-कौन से डाक्यूमेंट्स रखे हुए होंगे ,क्या एनआरसी साबित न कर पाने की हालत में इनके पास इतना धन होगा कि हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट में अपना मुकदमा लड़ सकें.

 

  आप यह भी अच्छी तरीके से समझ लीजिए कि एनआरसी जैसा गैरजरूरी कानून और फिजूलखर्ची और अपमानजनक कानून केवल मुसलमानों के लिए ही नहीं है इस बात को याद रखिए असम में जो भी हिंदू शुरुआत में एनआरसी की मांग कर रहे थे वही एनआरसी लागू होने के बाद अपने ही देश में में अवैध और घुसपैठिया हो गए हैं.

 और आसाम में एनआरसी लागू करने में जो  16000 करोड रुपए का खर्च आया है उसका भार भी देश की जनता पर ही पड़ा है इस बात को आप अच्छी तरीके से समझ लीजिए कि सरकार आपके टैक्स के पैसे से ही ऐसा तमाशा करने जा रही है जिसमें आपको लाइन में केवल इसीलिए लगना पड़ेगा कि आप यह साबित कर सके कि आप भारतीय हैं

और आप अंदाजा लगाइए कि यह साबित करने में कितना  भ्रष्टाचार होगा?

 

अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो दूसरों तक पहुंच आइए

Leave a Reply

WhatsApp chat